जम्मू में कैसे मना स्वतंत्रता दिवस समारोह

  • 15 अगस्त 2019
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कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गुरुवार को पूरे जम्मू संभाग में स्वतंत्रता दिवस का त्यौहार बड़ी धूम धाम से मनाया गया. जम्मू शहर के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने बड़ी तादाद में जमा हो कर जगह जगह राष्ट्रीय धवज फ़हराया और मिठाइयाँ बांटी.

जम्मू में पिछले 30 साल से रह रहीं क्षमा कौल ने बीबीसी हिंदी को बताया, "अनुच्छेद 370 के हट जाने के बाद मुझे मान मिला, अभिमान मिला, सारा हिंदुस्तान मिला." उन्होंने कहा, "हम भारत सरकार के इस फ़ैसले से बहुत खुश हैं. जम्मू में शुरू से ही आज का दिन बड़ी धूम धाम से मनाया जाता था लेकिन आज ख़ुशी दोगुनी हो गयी है."

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Image caption क्षमा कौल बीते 30 सालों से जम्मू में रह रही हैं

शहर के विभिन्न हिस्सों में अधिकांश लोगों का कहना था आज हम पूर्ण रूप से भारतवर्ष के साथ जुड़ चुके हैं इसलिए दिल से खुशियाँ मना रहे हैं.

वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजी समिति के अध्यक्ष लाभा राम गाँधी कहते हैं, "हम आज बहुत खुश हैं क्यूंकि आज हम अपना पहला स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं. हमें आज़ादी 1947 में नहीं बल्कि 5 अगस्त, 2019 को मिली है. जब से हिंदुस्तान आज़ाद हुआ था तबसे अब तक हम लोग गुलामी की जंजीरों में जकड़े हुए थे."

जम्मू के गुज्जर नगर इलाके के रहने वाले रिटायर्ड टीचर अकरम अली ख़ान ने बीबीसी हिंदी को बताया, "जब से गुज्जर नगर यहाँ बसा हैं हम तिरंगा झंडा लहराते आ रहे हैं. यहाँ पर सब धर्मों के लोग एक साथ मिल कर कार्यक्रम में हिस्सा लेते हैं और मिठाइयाँ बांटते हैं, आज के दिन हम बहुत खुश हैं. उन्होंने कहा, "यह आज़ादी जो है हमें बड़ी मुश्किल से मिली है और इस आज़ादी में हर धर्म समुदाय के तबकों का बराबर का हाथ है और यह मुल्क हमें अपनी जान से प्यारा है."

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Image caption गुज्जर नगर इलाके के रहने वाले रिटायर्ड टीचर अकरम अली ख़ान ने भी स्वतंत्रता दिवस का जश्न खुशी खुशी मनाया.

इसलिए हम आज यहाँ जमा हुए हैं और तिरंगा लहरा रहे हैं. सुरक्षा कारणों से सुबह से ही जम्मू शहर को जाने वाले सभी रास्तों पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गयी थी. अति संवेदनशील इलाकों में क्विक रिएक्शन टीम की भी तैनाती की गयी थी.

इस बीच शहर के सारे बाज़ार बंद रहे और सार्वजानिक यातायात भी बाधित रहा. सड़कों पर सुरक्षाबलों के अलावा, पत्रकार, सरकारी ऑफ़िसर और चौराहों पर तिरंगा लहराते छोटी छोटी टुकड़ियों में स्थानीय निवासी नज़र आए.

क्या कह रहे हैं जम्मू के लोग

सरकारी शिक्षा संस्थानों में भी तिरंगा लहराया गया और बच्चों में मिठाइयाँ बांटी गयी. शहर के पार्क और अन्य सार्वजानिक स्थानों पर सुबह के समय रौनक देखने को मिली. यहाँ बड़ी संख्या में लोग जुटे और सबने मिलकर तिरंगा लहराया और एक साथ बैठ नाश्ता भी किया. जगह जगह बागों को तिरंगे के साथ सजाया गया था.

मुख्य कार्यक्रम जम्मू शहर की परेड ग्राउंड में आयोजित किया गया था. यहाँ पर एडवाइज़र फ़ारूक़ ख़ान ने तिरंगा लहराया और परेड की सलामी ली.

जम्मू के मंडल आयुक्त संजीव वर्मा ने बीबीसी हिंदी को बताया, "सभी जिला मुख्यालयों में स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से निपट गया. उन्होंने कहा, "कार्यक्रम के बाद जम्मू से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है. उन्होंने कहा सभी ज़िला मुख्यालयों में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे. सरकार ने राजौरी, पूँछ, डोडा, किश्तवाड़, रामबन में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए थे. साम्बा, कठुआ, उधमपुर, रियासी में भी हज़ारों की संख्या में आम आदमी ने समारोह में हिस्सा लिया और रंगा रंग कार्यक्रम को सराहा. संजीव वर्मा ने बताया, "पिछले साल की तुलना में अधिक लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया."

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गाँधी नगर के ग्रीन बेल्ट पार्क में बीबीसी से बातचीत में राम प्रकाश गुप्ता ने अपनी ख़ुशी का इज़हार करते हुए कहा, "जम्मू कश्मीर, लदाख की जनता बहुत खुश है. जम्मू की जनता बड़े अच्छे तरीके से अपनी ख़ुशी का इज़हार कर रही है, लद्दाख में भी लोग खुशियाँ मना रहे हैं लेकिन कश्मीर के लोग अभी भी अपनी ख़ुशी का इज़हार नहीं कर पा रहे. उन्होंने कहा बड़े लम्बे समय तक वहां के नेताओं ने उनकी आवाज़ दबा कर रखी थी."

उन्होंने बताया, "आज हमने बड़ी धूमधाम स्वतंत्रता दिवस का त्यौहार मनाया है. आम जनता ने पिछले साल से भी ज़्यादा हर्ष और उल्लास के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया क्यूंकि आज हम पूर्ण रूप से भारतवर्ष ले साथ जुड़ चुके हैं."

उनके साथी, कमल साहनी ने कहा, "आज स्वतंत्रता दिवस के दिन हम दिल से खुशियाँ मना रहें हैं. 70 साल बाद जम्मू के लोगों को इन्साफ़ मिला है."

लोगों में दिखी तब्दीली

उन्होंने कहा, "जम्मू की जनता की जो भेदभाव को लेकर शिकायत रहती थी कि उनके हिस्से के डेवलपमेंट फंड्स कश्मीर डायवर्ट किये जाते हैं वो सिलसला अब रुक जायेगा और सब को बराबर का हिस्सा मिलेगा और सेंट्रल फंड्स का सही इस्तेमाल होगा."

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कमल साहनी ने कहा, "आज के कार्यक्रम में सब लोग खुश थे, लोगों के सोचने के नज़रिए में बड़ी तबदीली आयी है, लोगों के मन में यह भावना घर कर गयी है कि अब पहले जैसा नहीं रहेगा, अब हमारे लिए भी कोई है सोचने वाला. हमें हमारे अधिकार मिलेंगे."

सुबह सवेरे पार्क में सैर करने वाली संतोष वर्मा ने बताया, "आज हम बहुत ही अच्छा फील कर रहे हैं. पार्क मैं आए हर किसी व्यक्ति ने कार्यक्रम में सहयोग दिया और सबने मिल कर झंडा लहराया और राष्ट्रीय गान गाया. लोगों में नयी उर्जा थी, वो दिल से कार्यक्रम का हिस्सा बने और एक सब में मिठाइयाँ बांटी."

इससे पहले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रविंदर रैना ने पार्टी मुख्यालय में तिरंगा लहराया और अपने संदेश में कहा, "आज का दिन हम सब के लिए जश्न का दिन है, गर्व करने का दिन है. स्वतंत्रता दिवस देखने के लिए बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने, नेताओं ने अपना बलिदान दिया है. आज उन शहीदों का सपना और उनका संकल्प पूरा हुआ है. आज जम्मू कश्मीर पूरी तरह से अनुच्छेद 370, 35-A की गुलामी से मुक्त हुआ है. आज जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लोग जश्न मना रहे हैं. तिरंगे लहरा रहे हैं."

जम्मू में विभिन्न राजनितिक दलों के नेताओं ने आम जनता के बीच जा कर और अपने अपने पार्टी कार्यालयों में तिरंगा झंडा लहराया. जम्मू में पीडीपी कार्यालय में स्थानीय पीडीपी नेताओं के तिरंगा लहराने के बाद राष्ट्र गान में हिस्सा लिया.

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वहीँ शेर-ए- कश्मीर भवन में नेशनल कांफ्रेंस के नेताओं ने भी तिरंगा लहराया और जम्मू कश्मीर में जल्दी अमन बहाली और भाईचारा कायम रखने की अपील की.

कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने जगह जगह पोस्टर बैनर लगा कर जम्मू वासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी और अपने अपने इलाकों में जनता के साथ मिल कर तिरंगा भी लहराया.

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